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D16 – कहाँ है मेरा हिंदुस्तान? मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

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मुसलमाँ और हिन्दू की जान

कहाँ है मेरा हिंदुस्तान?

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

मेरे बचपन का हिंदुस्तान

न बंगलादेश, न पाकिस्तान

मेरी आशा मेरा अरमान

वो पूरा-पूरा हिंदुस्तान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

वो मेरा बचपन वो स्कूल

वो कच्ची सड़कें उड़ती धूल

लहकते बाग़, महकते फूल

वो मेरे खेत मेरे खलिहान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

वो उर्दू ग़ज़लें, हिन्दी गीत

कहीं वो प्यार, कहीं वो प्रीत

पहाड़ी झरनों के संगीत

देहाती लहरा पुरबी तान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

जहाँ के कृष्ण जहाँ के राम

जहाँ की श्याम-सलोनी शाम

जहाँ की सुब्ह बनारस धाम

जहाँ भगवान करें स्नान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

जहाँ थे ‘तुलसी’ और ‘कबीर’

‘जायसी’ जैसे पीर फ़क़ीर

जहाँ थे ‘मोमिन’, ‘ग़ालिब’, ‘मीर’

जहाँ थे ‘रहमन’ और ‘रसखा़न’

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

वो मेरे पुरखों की जागीर

कराची, लाहौर-ओ-कश्मीर

वो बिल्कुल शेर की सी तस्वीर

वो पूरा-पूरा हिन्दोस्तान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

जहाँ की पाक-पवित्र ज़मीन

जहाँ की मिट्टी ख़ुल्द-नशीन

जहाँ महराज ‘मोईनुद्दीन’

ग़रीब-नवाज़ हिन्द सुल्तान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

मुझे है वो लीडर तस्लीम

जो दे यक-जेहती की ता’लीम

मिटाकर कुम्बों की तक़्सीम

जो कर दे हर क़ालिब इक जान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

ये भूखा शाइर, प्यासा कवि

सिसकता चाँद, सुलगता रवि

हो जिस मुद्रा में ऐसी छवि

करा दे ‘अजमल’ को जलपान

मैं उसको ढूँढ़ रहा हूँ!

मुसलमाँ और हिन्दू की जान

कहाँ है मेरा हिंदुस्तान?

मैं उस को ढूँढ़ रहा हूँ!

Courtery : Ajmal Sultanpuri

Courtesy : We_the_Sukhanwar

Courtesy : https://www.facebook.com/share/p/1cPy2meT23/

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